ज्ञान वो है जब अद्वैत ब्रह्म का साक्षात ‘अनुभव’ हो जाये। उसके बाद फिर कुछ भी पाना शेष नहीं रह जाता, फिर मन रूपी सागर में इच्छाओं की तरंगें नहीं उठती, सब कुछ तो पा लिया अब कैसी इच्छा- पं प्रमोद गौतम
विवेक कुमार जैन आगरा:23 मार्च । वैदिक सूत्रम चेयरमैन आध्यात्मिक हीलर एस्ट्रोलॉजर पंडित प्रमोद गौतम ने कुण्डलिनी शक्ति के सातों...
Read more
