• Login
Sunday, August 31, 2025
  • होम
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • शहर
  • एजुकेशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • हेल्थ
  • ई-पेपर
  • ओपिनियन
  • विकास
No Result
View All Result
Shahar ki Surkhiyan
ADVERTISEMENT
  • होम
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • शहर
  • एजुकेशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • हेल्थ
  • ई-पेपर
  • ओपिनियन
  • विकास
Shahar ki Surkhiyan
  • होम
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • शहर
  • एजुकेशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • हेल्थ
  • ई-पेपर
  • ओपिनियन
  • विकास
No Result
View All Result
Shahar ki Surkhiyan
No Result
View All Result

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सीजन 2022-23 के सम्बन्ध में रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने को मंजूरी दी

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि का उद्देश्य फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा देना है गेहूं, रेपसीड और सरसों के बाद मसूर, चना, जौ और कुसुम के फूल के मामले में किसानों को उनकी उत्पादन लागत की तुलना में अधिकतम कीमत मिलने का अनुमान है तिलहन, दलहन और मोटे अनाज के पक्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण किया गया है रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होंगे

Editor@SKS by Editor@SKS
September 8, 2021
in एग्रीकल्चर, किसान, टॉप न्यूज़, देश
Reading Time: 1min read
A A
0
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सीजन 2022-23 के सम्बन्ध में रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने को मंजूरी दी
Getting your Trinity Audio player ready...

ये भी पढ़े

गाजियाबाद में देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया

हिंदुत्व के आत्मबोध से भारत की होगी प्रगति

E.Paper शहर की सुर्खियां

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2022-23 के लिये सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी करने को मंजूरी दे दी है।

सरकार ने आरएमएस 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी में इजाफा कर दिया है, ताकि किसानों को उनके उत्पादों की लाभकारी कीमत मिल सके। पिछले वर्ष के एमएसपी में मसूर की दाल और कैनोला (रेपसीड) तथा सरसों में उच्चतम संपूर्ण बढ़ोतरी (प्रत्येक के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल) करने की सिफारिश की गई है। इसके बाद चने (130 रुपये प्रति क्विंटल) को रखा गया है। पिछले वर्ष की तुलना में कुसुम के फूल का मूल्य 114 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया गया है। कीमतों में यह अंतर इसलिए रखा गया है, ताकि भिन्न-भिन्न फसलें बोने के लिये प्रोत्साहन मिले।

विपणन मौसम 2022-23 के लिए सभी रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (रुपये/क्विंटल में)

फसल

आरएमएस 2021-22 के लिए एमएसपी

 

आरएमएस 2022-23 के लिए एमएसपी

 

उत्पादन लागत* 2022-23

एमएसपी में बढ़ोतरी (संपूर्ण)

लागत पर लाभ (प्रतिशत में)

गेहूं

1975

2015

1008

40

100

जौ

1600

1635

1019

35

60

चना

5100

5230

3004

130

74

दाल (मसूर)

5100

5500

3079

400

79

कैनोला और सरसों

4650

5050

2523

400

100

कुसुम के फूल

5327

5441

3627

114

50

* यहां कुल लागत का उल्लेख है, जिसमें चुकाई जाने वाली कीमत शामिल है, यानी मजदूरों की मजदूरी, बैल या मशीन द्वारा जुताई और अन्य काम, पट्टे पर ली जाने वाली जमीन का किराया, बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई शुल्क, उपकरणों और खेत निर्माण में लगने वाला खर्च, गतिशील पूंजी पर ब्याज, पम्प सेटों इत्यादि चलाने पर डीजल/बिजली का खर्च इसमें शामिल है। इसके अलावा अन्य खर्च तथा परिवार द्वारा किये जाने वाले श्रम के मूल्य को भी इसमें रखा गया है।

आरएमएस 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई घोषणा के अनुरूप है, जिसमें कहा गया कि देशभर के औसत उत्पादन को मद्देनजर रखते हुए एमएसपी में कम से कम डेढ़ गुना इजाफा किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को तर्कसंगत और उचित कीमत मिल सके। किसान खेती में जितना खर्च करता है, उसके आधार पर होने वाले लाभ का अधिकतम अनुमान किया गया है। इस संदर्भ में गेहूं, कैनोला व सरसों (प्रत्येक में 100 प्रतिशत) लाभ होने का अनुमान है। इसके अलावा दाल (79 प्रतिशत), चना (74 प्रतिशत), जौ (60 प्रतिशत), कुसुम के फूल (50 प्रतिशत) के उत्पादन में लाभ होने का अनुमान है।

पिछले कुछ वर्षों से तिलहन, दलहन, मोटे अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में एकरूपता लाने के लिये संयुक्त रूप से प्रयास किए जाते रहे हैं, ताकि किसान इन फसलों की खेती अधिक रकबे में करने के लिए प्रोत्साहित हों। इसके लिए वे बेहतर प्रौद्योगिकी और खेती के तौर-तरीकों को अपनायें, ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन पैदा हो।

इसके साथ ही केंद्र द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय खाद्य तेल–पाम ऑयल मिशन (एनएमईओ-ओपी) योजना को भी सरकार ने हाल में घोषित किया है। इस योजना से खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। इस योजना के लिये 11,040 करोड़ रुपये रखे गये हैं, जिससे न सिर्फ रकबा और इस सेक्टर की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि आय बढ़ने से किसानों को लाभ मिलेगा तथा अतिरिक्त रोजगार पैदा होंगे।

‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-एएएसएचए) नामक ‘अम्ब्रेला स्कीम’ की घोषणा सरकार ने 2018 में की थी। इस योजना से किसानों को अपने उत्पाद के लिये लाभकारी कीमत मिलेगी। इस अम्ब्रेला स्कीम में तीन उप-योजनाएं शामिल हैं, जैसे मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (पीडीपीएस) और निजी खरीद व स्टॉकिस्ट योजना (पीपीएसएस) को प्रायोगिक आधार पर शामिल किया गया है।

ADVERTISEMENT
Previous Post

13वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

Next Post

विद्यालयी शिक्षा विभाग में 77 प्रतिशत से अधिक घोषणाएं पूर्ण

Editor@SKS

Editor@SKS

Related Posts

गाजियाबाद में देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया
टॉप न्यूज़

गाजियाबाद में देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया

by shaherkisurkhiyan@gmail.com
May 26, 2024
हिंदुत्व के आत्मबोध से भारत की होगी प्रगति
Big Breaking

हिंदुत्व के आत्मबोध से भारत की होगी प्रगति

by shaherkisurkhiyan@gmail.com
April 13, 2024
ई-पेपर

E.Paper शहर की सुर्खियां

by shaherkisurkhiyan@gmail.com
February 2, 2024
ई-पेपर

E.Paper शहर की सुर्खियां

by shaherkisurkhiyan@gmail.com
February 1, 2024
ई-पेपर

e.paper शहर की सुर्खियां

by shaherkisurkhiyan@gmail.com
January 31, 2024
Next Post
राजस्थान के पूर्व राज्यपाल व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कल्याण सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

विद्यालयी शिक्षा विभाग में 77 प्रतिशत से अधिक घोषणाएं पूर्ण

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Weather Updates

मौसम

Rashifal Updates

भाषा चुने

  • Home
  • Blog
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

© 2023 Shahar Ki Surkhiyan

No Result
View All Result
  • होम
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • शहर
  • एजुकेशन
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • हेल्थ
  • ई-पेपर
  • ओपिनियन
  • विकास
  • Login

© 2023 Shahar Ki Surkhiyan

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In